BHU में भी फीस पर रार, VC की कार पर हमला

विकास पाठक, वाराणसी
काशी हिंदू विश्‍वविद्यालय (बीएचयू) में शांति का माहौल कायम करने की कोशिशें बेकार साबित हो रही हैं। मंगलवार को भी कई जगहों पर धरना-प्रदर्शन चलता रहा। कुलपति की कार पर पत्‍थर और पानी की बोतलें फेंकी गई। विनायक दामोदर की फोटो पर स्‍याही पोतने का मामला भी सामने आया है। एकतरफ की नियुक्ति का मामला है तो दूसरी ओर जेएनयू के बाद में भी फीस में कमी की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है।

बीएचयू के संस्‍कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में असिस्‍टेंट प्रफेसर पद पर डॉ.फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में कुलपति आवास के बाहर छात्रों का धरना मंगलवार को 12वें दिन भी जारी रहा। दोपहर में कुलपति प्रफेसर राकेश भटनागर की कार धरनास्‍थल के पास से गुजरी तो छात्र दौड़ पड़े। इस बीच किसी ने एक पत्‍थर और पानी की बातलें कार पर फेंकी। हालांकि, पत्‍थर कार में लगा नहीं लेकिन इससे हड़कंप मच गया। सुरक्षाकर्मी दौड़े तो कुछ देर के लिए छात्र हट गए। बीएचयू प्रशासन के प्रवक्‍ता डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि धरनारत छात्रों में किसी ने पानी की बोतल कुलपति की कार पर फेंकी थी।

उधर, विधि संकाय के एलएलबी के छात्र फीस कम करने की मांग को आंदोलित हैं। छात्रों ने कक्षा का बहिष्‍कार करने के साथ प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि एक तरफ पुरानी प्रणाली से एलएलबी करने वालों से महज तीन से चार हजार रुपये शुल्‍क लिया जाता है जबकि नई व्‍यवस्‍था में 65 हजार रुपये सालाना शुल्‍क लिया जा रहा है। इसी संकाय के कुछ छात्रों ने रविवार को एक छात्रा से हुई छेड़खानी और शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने के विरोध में मुख्‍य द्वार पर धरना दिया।

कार्यकर्ताओं के बीच झड़प
इस बीच बीएचयू जॉइंट ऐक्‍शन कमिटी से जुड़े छात्रों ने जेएनयू में हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में ‘पीएम शिक्षा विरोधी’ नारा लिखे बैनर के साथ कैंपस स्थित विश्‍वनाथ मंदिर से विरोध मार्च निकाला। यह मार्च कला संकाय, सामाजिक विज्ञान संकाय सहित अन्‍य संकायों से होते हुए परिसर में घूमा। मार्च में शामिल भगत सिंह छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की झड़प और मारपीट हुई।

फोटो पर स्‍याही पोतने की जांच
विश्‍वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में लगी वीर सावरकर की फोटो पर स्‍याही पोतने की जांच के लिए तीन सदस्‍यीय समिति गठित की गई है। समिति 10 दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी। छात्र नेता डॉक्टर अरुण चौबे और अभय प्रताप सिंह ने इस हरकत की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अंजाम दिया है।

Source: National

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