
न्यूज एजेंसी, एएनआई ने कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें पिंक बॉल को बनाते देखा जा सकता है। (SG) की ओर बताया गया कि कंपनी ने पिछले 3 वर्षों में इस गेंद पर काफी रिसर्च किए हैं और हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हमारी गेंदें इंटरनैशनल लेवल की हैं।
एसजी के मार्केटिंग डायरेक्टर पारस आनंद ने एएनआई को बताया, ‘एक पिंक गेंद बनाने में 7-8 दिन का समय लगता है। महीनेभर पहले जब बीसीसीआई ने डे-नाइट टेस्ट के लिए इस गेंद की मांग की तभी से हमें इसे बनाने में जुट गए। हमनें बीसीसीआई को कहा कि हमारी गेंदें वर्ल्ड लेवल की हैं। हमने समय दर समय गेंदों को टेस्ट किया है और हम कह सकते हैं कि हमारी गेंदें इंटरनैशनल क्रिकेट की मांग पर पूरी तरह खरी उतरी हैं।’
डे-नाइट टेस्ट के लिए गुलाबी गेंदों से जुड़ी चुनौतियों के बारे में उन्होंने कहा- गेंद एक दिन के पूरे 90 ओवर तक चले यह हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। इस दौरान उसका रंग न जाए, इस पर भी हमने काम किया। बता दें कि भारतीय टीम ने कोलकाता टेस्ट में जो एसजी गेंदें इस्तेमाल होंगी वह उत्तर प्रदेश के मेरठ में बनी हैं।
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