विंटर सेशन: अरुण जेटली को दी गई श्रद्धांजलि

नई दिल्ली
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन आज दिवंगत सदन सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई। लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले दिवंगत बीजेपी नेता दी गई। राज्यसभा सभापति ने सदन में जेटली के योगदान को याद करते हुए उन्हें विलक्षण प्रतिभा संपन्न शख्सियत बताया। लोकसभा में भी स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राष्ट्र के विकास के साथ संसदीय परंपराओं को गरिमा के साथ निर्वाह करने के लिए जेटली हमेशा याद किए जाएंगे।

जेटली को याद करते हुए भावुक हुए वेकैंया नायडू
राज्यसभा में विपक्ष नेता और बाद में लीडर ऑफ द हाउस रहे जेटली निधन के वक्त भी राज्यसभा सांसद थे। पूर्व वित्त मंत्री को याद करते हुए कुछ क्षण के लिए वेकैंया नायडू काफी भावुक नजर आए, लेकिन उन्होंने खुद को संभाल लिया। जेटली के योगदान को याद करते हुए नायडू ने कहा कि सदन में बतौर नेता विपक्ष और लीडर ऑफ द हाउस रहते हुए उन्होंने सदैव संसदीय मर्यादा का पालन किया। जेटली को उदार विचारोंवाले लोकतंत्र समर्थक के तौर पर याद करते हुए उन्होंने कहा कि सदन राज्यसभा में 2000 से ही वह अपनी विद्वता और प्रतिभा के कारण विशिष्ट श्रेणी में शामिल रहे।

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विपक्षी सांसदों ने भी जेटली के साथ आत्मीय प्रसंग साझा किए
अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देते हुए विपक्षी सांसदों ने भी अपने निजी मित्रता के प्रसंग साझा किए। सदन में कांग्रेस दल के नेता गुलाम नबी आजाद ने जेटली को कुशल संयोजकर्ता बताते हुए कहा, ‘मैं उन्हें लंबे समय से जानता था और वह जीवन के हर क्षेत्र में अव्वल रहे। जेटली अच्छे छात्र थे, कुशल संयोजककर्ता और बड़े नेता थे। मैंने उनके रूप में अपना अच्छा मित्र खो दिया।’ एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी जेटली को याद करते हुए कहा कि पार्टी लाइन से अलग उनकी हरदिल अजीज शख्सियत थी और सदन में हर दल में उनके कई दोस्त थे।

24 अगस्त को जेटली ने ली थी अंतिम सांस
बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री का 24 अगस्त को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। खराब स्वास्थ्य के ही कारण जेटली ने लोकसभा चुनाव के बाद कैबिनेट में शामिल होने से इनकार कर दिया था। जेटली 2009 से 2014 तक राज्यसभा में नेता विपक्ष रहे और 2014 में लीडर ऑफ द हाउस चुने गए। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्होंने वित्त मंत्री का पद संभाला, कुछ वक्त के लिए वह रक्षा मंत्री भी रहे।

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पीएम ने सत्र में वाद-विवाद, संवाद की उम्मीद जताई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सभी दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा, ‘2019 का यह आखिरी सत्र है और यह बहुत महत्वपूर्ण सत्र भी है क्योंकि राज्यसभा का यह 250वां सत्र है। बहुत ही प्रेरक स्मृतियों के साथ राज्यसभा का 250वां सत्र शुरू हो रहा है। 26 नवंबर को संविधान दिवस है, हमारे संविधान के 70 साल हो रहे हैं। यह संविधान भारत की एकता, अखंडता, विविधता और सौंदर्य को समेटे हुए है। देशवासियों के लिए भी एक जागृति का अवसर बन सकता है।’

Source: National

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