
उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित की में शनिवार को एक बार फिर सेंध लगी। अतिसंवेदनशील ताजमहल के यलो जोन में एक बार फिर उड़ता हुआ देखा गया। पूर्वी दिशा से आए ड्रोन ने ताजमहल के पास से उड़ान भरी। ड्रोन यमुना के ऊपर उड़ान भरता हुआ पश्चिमी दिशा की ओर चला गया। इससे सुरक्षाकर्मियों में खलबली मच गई। अभी तक ड्रोन उड़ाने वाले का पता नहीं चल सका है। एएसआई के अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। ताज महल के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तलाशी जा रही है।
बता दें कि सुरक्षा के मद्देनजर ताजमहल के आसपास 500 मीटर के दायरे (यलो जोन) में ड्रोन को उड़ाना प्रतिबंधित है। इसके बाद भी ताजमहल के ऊपर और आसपास ड्रोन उड़ाने की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। इस पर सुरक्षा दल अंकुश लगाने में नाकाम साबित हुए है। पिछले एक डेढ़ साल में ताजमहल के ऊपर ड्रोन उड़ाने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। अधिकांशत: हर बार ड्रोन विदेशी पर्यटकों द्वारा ही उड़ाए गए हैं।
अकसर सामने आते हैं ड्रोन उड़ाने के मामले
बीते 1 अक्टूबर को ताजमहल पर ड्रोन उड़ाने का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इससे करीब चार महीने पूर्व चीन के पेइचिंग निवासी गुआन जियोंग (27) अपने दोस्त के साथ ताजमहल घूमने आया था। सुबह 8 बजे रॉयल गेट के सामने गुआन ने ड्रोन निकालकर उसे उड़ाने का प्रयास किया। इससे कुछ महीने पहले ताजमहल के अति संवेदनशील यलो जोन (500 मीटर की परिधि) में विदेशी पर्यटकों ने प्रतिबंधित ड्रोन उड़ाया था।
दरअसल, ड्रोन कैमरे से ताजमहल की हवाई ऐंगल से फोटो खींचने के लिए विदेशी सैलानी यहां ड्रोन उड़ाते हैं लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि यहां सुरक्षा कारणों से ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है। ड्रोन उड़ाने वाले विदेशी पर्यटक पकड़े जाने पर यही सफाई देते रहे हैं कि उन्हें इस रोक के बारे में पता नहीं है।
Source: National

