
‘द रॉयल बंगाल टाइगर’ अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद बुधवार को जब मीडिया से पहली बार मुखातिब हुए तो उनसे उनके ब्लेजर पर सवाल किया गया। गांगुली ने बताया, ‘मुझे यह ब्लेजर तब मिला था, जब मैं भारतीय टीम का कप्तान नियुक्त हुआ था। इसलिए इस खास मौके पर मैंने इसे पहनने का फैसला किया।’
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इसके साथ दादा ने अपने इस ब्लेजर की फिटिंग पर चुटकी भी ली और कहा, ‘मुझे यह अहसास ही नहीं हुआ कि यह अब ढीला हो चुका है।’
करीब 5 साल तक भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके सौरभ गांगुली को इन पलों पर कितना गर्व है, यह किसी से छिपा नहीं है। जब गांगुली का बीसीसीआई अध्यक्ष बनना तय हुआ था, तब भी उन्होंने कहा था कि उनके लिए टीम इंडिया की कप्तानी करने से ज्यादा कुछ और खास नहीं है। राष्ट्रीय टीम की कप्तानी करना उनके जीवन का सबसे गौरवान्वित पल है।
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गांगुली ने करीब 11 साल पहले इंटरनैशलन क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। अपने संन्यास के बाद सौरभ गांगुली को शायद ही कभी इस ब्लेजर को दोबारा पहनने का मौका मिला होगा लेकिन इस बार जब उन्हें बोर्ड की कमान मिली तो दादा ने इस खास मौके पर अपने उसी ब्लेजर को पहनना सही समझा, जिस पर उन्हें हमेशा नाज है।
47 साल के गांगुली ने बुधवार को विधिवत रूप से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का अध्यक्ष पद संभाल लिया। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बोर्ड का कामकाज देख रही प्रशासकों की समिति (CoA) का कार्यकाल भी खत्म हो गया है। अब बोर्ड से जुड़े सभी कामकाज बीसीसीआई के चुने हुए नए प्रतिनिधि ही संभालेंगे।
Source: Sports

