
(देखें, )
दिलचस्प बात रही कि भारतीय पेस जोड़ी और ने 16 में से 8 विकेट लिए। भारत ने साउथ अफ्रीका को इस मैच में पारी और 202 रन से मात देकर सीरीज पर 3-0 से कब्जा किया। भारत ने मैन ऑफ द मैच रोहित शर्मा (212) और अजिंक्य रहाणे (115) के दमदार प्रदर्शन की बदौलत अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 497 रन बनाकर घोषित की।
पढ़ें,
इसके बाद तीसरे दिन ही मेहमान टीम की पहली पारी 162 रन पर समेट दी। फिर दिन का खेल समाप्त होने तक फॉलोऑन करते हुए साउथ अफ्रीका के 8 विकेट गिर गए और चौथे दिन शुरुआती 2 ओवर के अंदर ही मेहमान टीम की दूसरी पारी 133 रन तक सिमट गई।
साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाजों से भारतीय पेसर काफी अलग तो नहीं रहे लेकिन बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने मैच जिताने में भूमिका अदा की। रांची टेस्ट में तीसरे दिन की अपनी पांचवीं ही गेंद पर उमेश यादव ने कप्तान फाफ डु प्लेसिस को बोल्ड किया। दूसरी पारी में उन्हें मोहम्मद शमी ने LBW आउट किया।
पढ़ें,
साल 2002 के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि साउथ अफ्रीका को लगातार टेस्ट में फॉलोऑन के लिए मजबूर होना पड़ा। मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने भी अपने कप्तान का सपॉर्ट किया, दूसरी पारी में जल्दी विकेट निकाले। चायकाल तक मेहमान टीम का स्कोर दूसरी पारी में 4 विकेट पर 26 रन था। डीन एल्गर को उमेश यादव की गेंद लगी जिससे वह कुछ देर के लिए अचेत हो गए। उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर जाना पड़ा।
बल्लेबाजों के पास जवाब नहींभारतीय तेज गेंदबाजों की शॉर्ट बॉल, पेस और अटैकिंग लाइन का मेहमान टीम के बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं था। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक साउथ अफ्रीकी टीम का स्कोर 8 विकेट पर 132 रन हो गया था।
पढ़ें,
भारतीय गेंदबाजों की बेस्ट ऐवरेजभारतीय तेज गेंदबाजों ने इस सीरीज में दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 17.5 की औसत से कुल 26 विकेट झटके। अब तक 121 बार हुई तीन या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय गेंदबाजों की इस सीरीज से बेहतर ऐवरेज कभी नहीं रही। साल 1995-96 में न्यू जीलैंड के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों ने अपनी मेजबानी में 18.4 की ऐवरेज से विकेट हासिल किए। इसके बाद ऐवरेज के मामले में 1954-55 का नंबर आता है जो उसने पाकिस्तान के खिलाफ 19.9 की ऐवरेज से गेंदबाजी की।
Source: Sports

