मंदिर के पक्ष में फैसला आया तो सरकार से 67 एकड़ जमीन लौटाने की मांग करेगी वीएचपी

वीएन दास, अयोध्या
अयोध्या मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अब धर्मनगरी में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने का बेसब्री से इंतजार किया रहा है। एक ओर जहां सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ पर टिकी हैं, वहीं वीएचपी ने अपने पक्ष में फैसला आने की उम्मीद के साथ अब मंदिर निर्माण की तैयारियां शुरू कर दी है। वीएचपी के प्रवक्ता शरद शर्मा का कहना हैं कि मंदिर के पक्ष में फैसला आने की पूरी संभावना है। ऐसे में हम विवादित जमीन के अलावा एक विशाल क्षेत्र की भी मांग सरकार के सामने रखेंगे।

अयोध्या के मंदिर मस्जिद केस के प्रमुख तीन पक्षकारों में से एक रामलला विराजमान के सखा पक्षकार त्रिलोकी नाथ पांडे ने कहा कि अयोध्या में 2.77 एकड़ नहीं बल्कि सिर्फ 0.33 एकड़ जमीन ही विवादित है, जिस पर मालिकाना हक का फैसला सुप्रीम कोर्ट से होना है। पांडे ने बताया कि रामलीला विराजमान के पक्ष में फैसला आने के बाद राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके साथ ही वीएचपी की राम जन्म भूमि न्यास के पास की 45 एकड़ जमीन के साथ ही पूरी अधिग्रहित जमीन की मांग सरकार से की जाएगी।

कल्याण सिंह ने कराया था 42 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
पांडे के मुताबिक यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह ने विवादित क्षेत्र से सटी 42 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर इसे राम जन्म भूमि न्यास को राम कथा कुंज प्रॉजेक्ट के लिए दिया था। वीएचपी ने इससे ही जुड़ी 3 एकड़ जमीन खुद खरीद रखी थी। जिस पर न्यास की करोड़ों की निर्माण सामग्री भी पड़ी है। उन्होंने कहा कि ढांचा विध्वंस के बाद केंद्र सरकार ने विवादित स्थल के पास की 67 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया था। जिसमें वीएचपी के कब्जे वाली 45 एकड़ जमीन भी शामिल है।

जमीन की कमी नहीं बनेगी बाधा: वीएचपी
पांडे ने कहा कि अधिग्रहण के समय राम जन्म भूमि न्यास ने इस जमीन का मुआवजा लेने से इनकार कर दिया था और 45 एकड़ जमीन को न्यास को वापस करने की मांग भी की थी। अब फैसला पक्ष में आने पर वीएचपी मंदिर निर्माण के लिए पूरी 67 एकड़ अधिग्रहीत जमीन के साथ अतिरिक्त जमीन की भी मांग करेगा। वीएचपी प्रवक्ता ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ का पूरा फोकस अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर की धार्मिक पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने पर है, ऐसे में भव्य एवं विशाल राम मंदिर के निर्माण में जमीन की कमी बाधा नहीं बनेगी।

Source: Uttarpradesh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *